संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) भारतीय इंजीनियरिंग सेवा परीक्षा ऐसे करें तैयारी।
संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) भारतीय इंजीनियरिंग सेवा परीक्षा (आईईएस) आयोजित करने जा रहा है। यह परीक्षा देश की सबसे चुनौतीपूर्ण परीक्षाओं में से एक है। यह परीक्षा सिर्फ अभ्यर्थियों के ज्ञान और व्यक्तित्व का ही नहीं बल्कि उनके धैर्य, साहस और जुझारूपन का भी परीक्षण करता है। देश में इंजीनियरिंग स्नातकों के लिए आईईएस सबसे अधिक मांग वाला करियर बना हुआ है। यह तीन चरणों में आयोजित की जाती है। इसका पहला चरण प्रारंभिक परीक्षा है। यह परीक्षा 08 जून 2025 को होगी। इस परीक्षा में अच्छा स्कोर प्राप्त करने के लिए अच्छी तैयारी की जरूरत होती है। जैसे-जैसे प्रतिस्पर्धा बढ़ती जा रही है, परीक्षा की तैयारी की रणनीति को अपग्रेड करना महत्वपूर्ण हो जाता है। तकनीकी विषय पर फोकस कर आप इस परीक्षा को पास कर सकते हैं। यहां बताए जा रहे कुछ टिप्स आपको परीक्षा की तैयारी करने में मदद करेंगे।
ऐसे करें परीक्षा की तैयारी
पाठ्यक्रम अच्छे से पढ़ लें
किसी भी परीक्षा की तैयारी से पहले पूरा पाठ्यक्रम अच्छे से पढ़ लेना चाहिए। यह आपके सफलता की राह को आसान कर देती है। क्योंकि इससे यह पता चल जाता है कि आपको क्या पढ़ना है और कितना पढ़ना है। प्रत्येक तकनीकी विषय का एक अलग पाठ्यक्रम होता है, इसलिए पाठ्यक्रम के अनुसार तैयारी करें। तकनीकी और सामान्य योग्यता, समसामयिक मामले, इंजीनियरिंग में नैतिकता और मूल्य समेत अन्य विषयों को अवश्य पढ़ लेना चाहिए। यह तैयारी का एक आवश्यक घटक है।
परीक्षा पैटर्न से परिचित हों
पूरा पाठ्यक्रम पढ़ लेने के बाद उम्मीदवार को परीक्षा पैटर्न से परिचित होना चाहिए। इससे विषय को सेक्शन के अनुसार विभाजित करने में और अपने पाठ्यक्रम को बेहतर तरीके से तैयार करने में मदद मिलेगी। यह रणनीति वास्तविक प्रश्न पत्र से परिचित कराती है और परीक्षा से पहले होने वाली चिंता को कम करती है। बता दें कि यह परीक्षा चार श्रेणियों सिविल इंजीनियरिंग, मेकेनिकल इंजीनियरिंग, इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं दूरसंचार इंजीनियरिंग के लिए आयोजित की जाती है।
तकनीकी विषय पर अधिक ध्यान दें
परीक्षा आपके तकनीकी विषय के ज्ञान का भी परीक्षण करती है, इसलिए तकनीकी विषय से अपडेट रहना महत्वपूर्ण है। इसके लिए रोजाना पुस्तकों को पढ़ें और अपनी नोटबुक देखें। इससे आपको सवालों का जवाब देने में मदद मिलेगी। इसके साथ ही इंटरनेट के जरिए भी तकनीकी विषय की तैयारी कर सकते हैं। यूट्यूब पर विशेषज्ञों द्वारा उपलब्ध करवाए गए वीडियोज देखकर भी अपनी तैयारी कर सकते हैं।
अध्ययन योजना बनाएं
परीक्षा की तैयारी के लिए विस्तृत अध्ययन योजना बनाएं, जिसमें प्रत्येक विषय के लिए पर्याप्त समय आवंटित हो। प्रत्येक विषय और पुनरीक्षण के लिए समय स्लॉट आवंटित करें। अपनी तैयारी को अधिकतम करने के लिए उच्च महत्व वाले विषयों पर ध्यान केंद्रित करें। एनसीईआरटी की पुस्तकों से अध्ययन करें। पाठ्यक्रम को अच्छी तरह से समझें और प्रत्येक विषय के लिए प्रमुख टॉपिक्स की पहचान करें। उन विषयों को अधिक महत्व दें जिनमें आप खुद को कमजोर मानते हैं।
गहनता से अध्ययन करें
परीक्षा की तैयारी का पहला कदम सिलेबस को अच्छे से समझना और पढ़ते समय उसे दिमाग में याद रखना है। किसी भी हिस्से को हल्के में नहीं छोड़ा जाना चाहिए, चाहे पिछले रुझान कुछ भी हो। यूपीएससी का सिलेबस काफी बड़ा है, इसलिए परीक्षा में किसी भी विषय से सवाल आ सकता हैं, इसीलिए पूरे सिलेबस को अच्छे से पढ़ना बेहद जरूरी है। परीक्षा में प्राचीन भारत से कई सवाल आते हैं।
टाइम टेबल बनाएं
जो उम्मीदवार परीक्षा में उपस्थित होने की योजना बना रहे हैं, वे अपना टाइम टेबल अवश्य बना लें। क्योंकि यह मजबूत अध्ययन योजना तैयार करना पहला कदम है। पाठ्यक्रम का गहन विश्लेषण करें और पाठ्यक्रम के कुछ हिस्सों को टुकड़ों में विभाजित करें। अपने लिए एक समय सारिणी तैयार करें कि आप पाठ्यक्रम को कैसे पूरा करेंगे। यदि आप परीक्षा के लिए उचित समय पर रणनीति बना लेते हैं तो इससे आप समय रहते पाठ्यक्रम को पूरा कर सकेंगे। इससे आप अपने पूरे समय का कुशलतापूर्वक उपयोग कर सकेंगे।
नोट्स बनाएं
बिना उचित नोट्स बनाए पाठ्यक्रम को गुणवत्ता के साथ कवर नहीं किया जा सकता है। इसलिए अध्ययन के दौरान ही नोट्स बनाना शुरू कर दें। नोट्स एक उचित प्रारूप में बनाए जाने चाहिए ताकि उम्मीदवारों के लिए इसे याद रखना और पुन प्रस्तुत करना आसान हो। नोट्स बहुत भारी नहीं होने चाहिए, इसलिए नोट्स का उद्देश्य हमेशा ध्यान में रखना चाहिए। यह रिवीजन और संबंधित विषयों को बेहतर ढंग से समझने में मदद करता है।
नियमित रिवीजन करें
प्रीलिम्स का पाठ्यक्रम काफी बड़ा और बिखरा होता है। कवरेज से अधिक महत्वपूर्ण संपूर्ण सिलेबस को रिवाइज करना है, इसलिए रिवीजन उचित और समयबद्ध होना चाहिए। पाठ्यक्रम के कवरेज और कवर किए गए हिस्से के रिवीजन में एक अच्छा संतुलन बना होना चाहिए। रिवीजन करने से अभ्यर्थी भूले हुए टॉपिक्स भी ध्यान कर लेते हैं और अपनी तैयारी को औरों से बेहतर कर लेते हैं। इसलिए उम्मीदवार को प्रतिदिन विषयों के रिवीजन को अपने दिनचर्या का हिस्सा बनाना चाहिए।
पुराने प्रश्न पत्रों को हल करें
परीक्षा में अच्छे अंक प्राप्त करने के लिए पिछले कुछ वर्षों के प्रश्न पत्रों को हल करना महत्वपूर्ण होता है। पिछले वर्ष के पेपर रडार की तरह होते हैं जो आपकी तैयारी को दिशा प्रदान करते हैं। इसलिए उम्मीदवारों को कम से कम पिछले पांच वर्षों के हल किए गए प्रश्न पत्रों के अध्ययन की सलाह दी जाती है। इस गतिविधि से आप आगामी परीक्षाओं में प्रश्न पत्रों की संचरना कैसी होगी और किस प्रकार के प्रश्न पूछे जा सकते हैं, इसका अनुमान लगा सकेंगे। यह आपके विकल्पों को खत्म करने में भी आपकी मदद करता है।
मॉक टेस्ट जरूरी
परीक्षा की तैयारी के स्तर का मूल्यांकन करने में मॉक टेस्ट काफी मदद करते हैं। सिलेबस को कवर करने के बाद मॉक टेस्ट का प्रैक्टिस किया जाना चाहिए। अपने प्रदर्शन का विश्लेषण करें और सुधार के लिए कमजोर क्षेत्रों की पहचान करें। मॉक टेस्ट के बाद विश्लेषण एक जरूरी अभ्यास है। अच्छे प्रदर्शन से उत्साह नहीं आना चाहिए और खराब प्रदर्शन से निराशा नहीं होनी चाहिए। बस अपने आप को लगातार बेहतर बनाने की दौड़ में दौड़ें।
परीक्षा के दिन ये करें
●कम से कम 5 से 7 घंटे की अच्छी नींद लेने के बाद परीक्षा वाले दिन प्रात 5-6 बजे तक हर हाल में उठ जाना चाहिए।
●स्नान आदि के बाद अच्छा और सुपाच्य नाश्ता करें। परीक्षा उपयोगी समस्त सामग्रियों और संक्षिप्त नोट्स को व्यवस्थित कर लें।
●परीक्षा केंद्र में नियत समय से आधा घंटा पहले पहुंचना सुनिश्चित करें। समय हो तो संक्षिप्त नोट्स को सरसरी नज़र से देख लें।
●परीक्षा कक्ष में यदि जरा भी तनाव महसूस हो तो पानी पीयें और गहरी सांस लें।
●नकारात्मक विचारों को लेशमात्र भी हावी न होने दें।
●खुद पर भरोसा रखें क्योंकि मेहनत कभी बेकार नहीं जाती है। पूर्ण आशावादी रहते हुए प्रसन्नता के साथ प्रश्नपत्र को हल करें।
परीक्षा का प्रारूप
●प्रारम्भिक परीक्षा में दो प्रश्न पत्र होंगे, जिसमें सभी प्रश्न बहुविकल्पीय प्रकार के होंगे।
●पहला प्रश्न पत्र जनरल स्टडीज एंड इंजीनियरिंग एप्टीट्यूड का 200 अंक का होगा।
●परीक्षा की अवधि दो घंटे की होगी।
●दूसरा प्रश्न पत्र संबंधित ब्रांच (इलेक्ट्रिकल/ सिविल/ मेकेनिकल या इलेक्ट्रॉनिक्स एवं टेली कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग) का 300 अंक का होगा।
●परीक्षा की अवधि तीन घंटे की होगी।
●परीक्षा का माध्यम अंग्रेजी-हिंदी दोनों भाषाओं में होगा।
●गलत उत्तर के लिए एक तिहाई अंक की कटौती होगी।
●प्रारंभिक परीक्षा में सफल उम्मीदवार ही मुख्य परीक्षा में बैठ सकेंगे।
●मुख्य परीक्षा में दो प्रश्न पत्र 300-300 अंकों के होंगे।
●परीक्षा अवधि तीन-तीन घंटे की होगी।
●मुख्य परीक्षा में सफल उम्मीदवारों को साक्षात्कार के लिए बुलाया जाएगा।
चयन प्रक्रिया
●प्रारम्भिक परीक्षा, मुख्य परीक्षा और साक्षात्कार के आधार पर योग्य उम्मीदवारों का चयन किया जाएगा।
पाठ्यक्रम
●सामान्य अध्ययन और इंजीनियरिंग योग्यता (जनरल स्टडीज एंड इंजीनियरिंग एप्टीट्यूड) सामाजिक, आर्थिक और औद्योगिक विकास से संबंधित राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय महत्व के समसामयिक मुद्दे, तार्किक तर्क और विश्लेषणात्मक क्षमता, इंजीनियरिंग गणित और संख्यात्मक विश्लेषण, डिजाइन के सामान्य सिद्धांत, ड्राइंग, सुरक्षा के महत्व, उत्पादन, निर्माण, रखरखाव और सेवाओं में गुणवत्ता प्रथाओं, ऊर्जा और पर्यावरण की मूल बातें, जलवायु परिवर्तन, परियोजना प्रबंधन की मूल बातें, सामग्री विज्ञान और इंजीनियरिंग की मूल बातें, सूचना और संचार प्रौद्योगिकी।
●सिविल इंजीनियरिंग निर्माण सामग्री, ठोस यांत्रिकी, संरचनात्मक विश्लेषण, इस्पात संरचना का डिजाइन, कंक्रीट और चिनाई वाली संरचनाएं, निर्माण अभ्यास, योजना और प्रबंधन, तरल पदार्थ का प्रवाह, हाइड्रोलिक्स मशीन और जल विद्युत, जल विज्ञान और जल संसाधन इंजीनियरिंग, पर्यावरण इंजीनियरिंग, भू-तकनीकी और फाउंडेशन इंजीनियरिंग, सर्वेक्षण और भूविज्ञान, परिवहन इंजीनियरिंग आदि।
●मेकेनिकल इंजीनियरिंग द्रव यांत्रिकी, थर्मोडायनामिक्स और हीट ट्रांसफर, आईसी इंजन, रेफ्रिजरेशन, और एयर कंडीशनिंग, टर्बो मशीनरी, पावर प्लांट इंजीनियरिंग, ऊर्जा के नवीकरणीय स्रोत, इंजीनियरिंग यांत्रिकी, इंजीनियरिंग सामग्री, तंत्र और मशीनें, मशीन तत्वों का डिजाइन, निर्माण, औद्योगिक और रखरखाव इंजीनियरिंग, मेक्ट्रोनिक्स, रोबोटिक्स आदि।
●इलेक्ट्रिक इंजीनियरिंग इंजीनियरिंग गणित, विद्युत सामग्री, इलेक्ट्रिक सर्किट और फील्ड, इलेक्ट्रिकल और इलेक्ट्रॉनिक मापन, कंप्यूटर फंडामेंटल्स, बेसिक इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग, एनालॉग, और डिजिटल इलेक्ट्रॉनिक्स, सिस्टम और सिग्नल प्रोसेसिंग, कंट्रोल सिस्टम, इलेक्ट्रिकल मशीन, पावर सिस्टम, पावर इलेक्ट्रॉनिक्स और ड्राइव आदि।
●इलेक्ट्रॉनिक्स एवं कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग बेसिक इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग, बेसिक इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग, मैटेरियल साइंस, इलेक्ट्रॉनिक मेजरमेंट एंड इंस्ट्रुमेंटेशन, नेटवर्क थ्योरी, एनालॉग, और डिजिटल सर्किट, एनालॉग और डिजिटल कम्युनिकेशन सिस्टम, कंट्रोल सिस्टम, कंप्यूटर ऑर्गनाइजेशन और आर्किटेक्चर, इलेक्ट्रो मैग्नेटिक्स, एडवांस्ड इलेक्ट्रॉनिक्स टॉपिक्स, एडवांस कम्युनिकेशन टॉपिक्स आदि।
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